जिनपिंग कुर्सी छोड़ो के नारे, लॉकडाउन का विरोध किया, बोले- डिक्टेटरशिप नहीं, डेमोक्रेसी चाहिए; इस्तीफा दें राष्ट्रपति

चीन में रविवार को करीब 40,000 नए मामले सामने आए। झाओ नाम के एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि उसके एक मित्र को पुलिस ने पीटा और उसके दो मित्रों के खिलाफ मिर्च स्प्रे का इस्तेमाल किया गया।

Vikas Sharma
By Vikas Sharma  - Senior Editor
China Zero Covid Policy Protest Vs Xi Jinping
China Zero Covid Policy Protest Vs Xi Jinping

चीन में कोरोनावायरस के चलते पाबंदियां झेल रहे नागरिकों का सब्र टूट चुका है। राजधानी बीजिंग और शंघाई समेत देश के कई बड़े शहरों में लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। नाराज जनता राष्ट्रपति शी जिनपिंग से गद्दी छोड़ने की मांग की जा रही है। खास बात है कि चीन में कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं के खिलाफ सार्वजनिक तौर पर नाराजगी जाहिर करना आम बात नहीं है।

दरअसल, उत्तर पश्चिम क्षेत्र की राजधानी उरुमकी में गुरुवार रात को एक इमारत में आग लगने के बाद से लोगों का गुस्सा भड़का हुआ है। इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए हैं. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाए कि कोविड प्रतिबंधों के चलते बचाव कार्य में बाधा हुई, जिससे लोगों की मौत हो गई।

लोग बोले- डिक्टेटरशिप नहीं, डेमोक्रेसी चाहिए

सोशल मीडिया पर विरोध प्रदर्शन के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। एक वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग सड़कों पर बैनर लेकर खड़े हैं। बैनर पर लिखा है- नीड ह्यूमन राइट, नीड फ्रीडम यानी हमें मानव अधिकार और आजादी चाहिए।

एक अन्य वीडियो में लोगों को शी जिनपिंग से इस्तीफा मांगते सुना गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा- स्टेप डाउन शी एंड कम्युनिस्ट पार्टी। यानी शी और उनकी कम्युनिस्ट पार्टी सत्ता से हट जाएं। हमें कोरोना टेस्ट की जरूरत नहीं है। हमें आजादी चाहिए। हमें डिक्टेटरशिप की बजाय डेमोक्रेसी चाहिए।

शंघाई में पुलिस की सख्ती

चीनी सरकार की कोविड नीतियों के खिलाफ सड़कों पर नारेबाजी और प्रदर्शन का दौर जारी है। खबर है कि पुलिस ने भी कई जगहों पर रैलियों को निकलने की अनुमति दी है, लेकिन शंघाई में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है और सड़कों की घेराबंदी की गई है। राजधानी बीजिंग में रविवार को नदी किनारे कई लोग जुटे और एकसाथ राष्ट्रगान किया।

चीनी विरोध घरों में कैद हुए करोड़ों लोग

बता दें कि चीन ने देश के कुछ इलाकों में लंबे समय से लॉकडाउन लगाया हुआ है। जिसके तहत विशाल झिंजियांग क्षेत्र में 1 करोड़ उइगर लोग घरों में ही रहने को मजबूर हैं. वहीं उरुमकी के 40 लाख निवासियों में से कई पर 100 दिनों तक के लिए अपने घरों से बाहर निकलने पर रोक लगा दी गई है. बीजिंग में रहने वाले सीन ली ने रॉयटर्स को बताया कि उरुमकी आग ने देश में सभी को परेशान कर दिया है।

जो वीडियो ऑनलाइन प्रसारित हो रहे हैं, उनमें लोगों को चीन का राष्ट्रगान गाते हुए दिखाया गया है। जिसमें लोग कह रहे हैं, ‘उठो, जो गुलाम होने से इनकार करते हैं’ और अन्य लोग चिल्ला रहे हैं कि वे लॉकडाउन से मुक्त होना चाहते हैं।

दिन-रात जारी है प्रदर्शन

कोरोनावायरस के चलते लाखों लोग बड़े स्तर पर जारी जांच, क्वारंटाइन और बार-बार लगाए जा रहे लॉकडाउन से तंग आ चुके हैं। रात के अलावा दिन में भी चेंगडू और शियान और वुहान के मध्य शहरों में प्रदर्शनकारी सक्रिय रहे। कहा जाता है कि करीब तीन साल पहले वुहान से ही कोरोनावायरस कहर की शुरुआत हुई थी। यहां सैकड़ों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और बैरिकेड्स और गेट तोड़ दिए।

यूनिवर्सिटी में भी प्रदर्शन

बीजिंग में भी प्रदर्शन हो रहे हैं। यहां एक यूनिवर्सिटी के करीब 100 स्टूडेंट्स सरकार के विरोध में प्रोटेस्ट करने लगे। स्टूडेंट्स ने दीवारों पर ‘नो टू लॉकडाउन, यस टू फ्रीडम। नो टू कोविड टेस्ट, यस टू फूड’ लिखा। एक वीडियो में कुछ सिक्योरिटी गार्ड इस स्लोगन को अपनी जैकेट से छिपाते नजर आए। लाल रंग से लिखे गए इस स्लोगन पर बाद में ब्लैक पेंट कर दिया गया।

एक वीडियो में यूनिवर्सिटी स्टाफ को स्टूडेंट्स को धमकी देते सुना गया। एक अधिकारी कह रहा था- आज जो प्रदर्शन किए हैं, उसका अंजाम भुगतना होगा। इसके जवाब में स्टूडेंट्स ने कहा- आपको भी अंजाम भुगतने होंगे। आपके साथ पूरा देश इसका अंजाम भुगतेगा।

राष्ट्रपति से मांगा इस्तीफा

एजेंसी के मुताबिक, चीन में संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और रविवार को करीब 40,000 नए मामले सामने आए। झाओ नाम के एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि उसके एक मित्र को पुलिस ने पीटा और उसके दो मित्रों के खिलाफ मिर्च स्प्रे का इस्तेमाल किया गया। प्रदर्शनकारी ने अपना उपनाम ही बताया। उसने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने ‘शी जिनपिंग, इस्तीफा दो, कम्युनिस्ट पार्टी सत्ता छोड़ो’, ‘शिनजियांग से प्रतिबंध हटाओ, चीन से प्रतिबंध हटाओ’, ‘हम पीसीआर (जांच) नहीं कराना चाहते, स्वतंत्रता चाहते हैं’ और ‘प्रेस की स्वतंत्रता’ सहित कई नारे लगाए।

लगातार बढ़ रहा कोरोना

चीन में लगातार चौथे दिन 27 नवंबर को कोरोना के 40 हजार मामले सामने आए हैं। 24 नवंबर को 31,454 नए केस मिले थे। 26 अक्टूबर को 35,183 नए मामले सामने आए थे। चीन में अब एक्टिव केस का आंकड़ा 3 लाख के पार हो गया है।लॉकडाउन का चीन के कारोबार पर लगातार असर हो रहा है। एक्सपर्ट के मुताबिक, चीन की GDP में 20% योगदान देने वाला क्षेत्र इस वक्त भी लॉकडाउन या सख्त पाबंदियों से गुजर रहा है। उसके केंद्रीय बैंक भी अगले साल चीन की ग्रोथ को 4.3% से घटाकर 4% आंक रहे हैं। ग्रोथ घटने की सबसे बड़ी वजह मुख्य कारोबारी हब शंघाई में दो अप्रैल से लागू दो महीने का लॉकडाउन भी है।

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