सिर्फ 40 दिनों मे लखपति बना देगी स्ट्रॉबेरी की फसल, फलों से बनते हैं कई तरह के प्रोडक्ट, जानें कब और कैसे करें इसकी खेती

स्ट्रॉबेरी पहाड़ी क्षेत्रों की फसल मानी जाती है। हालांकि, अब मैदानी क्षेत्रों में भी इसकी खेती होनी शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश और हरियाणा में बड़े पैमाने पर किसान इस फसल में दिलचस्पी लेने लगे हैं.। स्ट्रॉबेरी की फसल 40 से 50 दिनों में पूरी तरह से तैयार हो जाती है। फसल तैयार होने के बाद आप इसकी तुड़ाई कर सकते हैं।

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By News Desk  - Senior Editor
Strawberry Farming
Strawberry Farming

परंपरागत फसलों की खेती में किसान हर साल भारी नुकसान झेल रहे हैं. कभी बारिश तो कभी भयंकर सूखे का मार का असर किसानों पर पड़ रहा है. इस साल तो अन्य वर्षों के मुकाबले गेहूं के उत्पादन में भी भारी कमी आई है. यही वजह है कि किसान भारी नुकसान से बचने के लिए नई फसलों की तरफ रुख कर रहे हैं. हाल फिलहाल देखा गया है कि किसानों ने स्ट्रॉबेरी की फसलों में भी दिलचस्पी

स्ट्राबेरी की खेती के लिए ये जलवायु उपयुक्त

स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए 20 से 30 डिग्री का तापमान उपयुक्त माना जाता है. इसके लिए बलुई दोमट मिट्टी का चुनाव किया जाना चाहिए. हालांकि, इसकी खेती किसी भी प्रकार की मिट्टी पर की जा सकती है.  5.5 से 6.5 पीएच मान की मिट्टी इसकी खेती के लिए बेहतर है.  इसकी खेती के लिए सबसे पहले नर्सरी की तैयारी की जाती है, जो बुवाई से तीन-चार महीने पहले शुरू की जाती है. इसके बाद इसके पौधे को खेतों में लगा दिया जाता है.

किन तरीकों से कर सकते हैं स्ट्रॉबेरी की खेती?

स्ट्रॉबेरी को मुनाफेदार फसलों की श्रेणी में गिना जाता है. पूरी दुनिया में इसके कुल 600 किस्म मौजूद है, लेकिन भारत में इसकी कुछ ही प्रजातियों की खेती की जाती है. इसकी खेती समान्य तरीकों के साथ-साथ पॉलीहाउस, हाइड्रोपॉनिक्स. हालांकि, इसे ठंडे प्रदेशों की फसल कहा जाता है. लेकिन इसे मैदानी क्षेत्रों में भी आसानी से उगाया जा सकता है.  20 से 30 डिग्री तापमान उपयुक्त रहता है. तापमान बढ़ने पर स्ट्रॉबेरी पौधों में नुकसान होता है और उत्पादन में गिरावट आता है.

40-50 दिनों में तैयार हो जाती है ये फसल

स्ट्रॉबेरी की फसल 40 से 50 दिनों में पूरी तरह से तैयार हो जाती है. फसल तैयार होने के बाद आप इसकी तुड़ाई कर सकते हैं. अगर सही तरीके से इसके पौधों की देखभाल की जाए तो निश्चित ही किसान एक एकड़ में तकरीबन 80 से 100 क्विंटल फलों का उत्पादन कर सकते हैं.

स्ट्रॉबेरी से बनते हैं कई तरह के प्रोडक्ट

स्ट्राबेरी की खेती किसी भी प्रकार की मिट्टी पर किया जा सकता है. लेकिन बलुई दोमट मिट्टी इसके विकास के लिए बेहद उपयुक्त माना जाता है. इसकी खेती के लिए 5.5 से 6.5 पीएच मान मिट्टी हो तो और भी बेहतर है. बता दें कि स्ट्राबेरी की फसल से जैम, जूस, आइसक्रीम, मिल्क-शेक, टॉफियां बनाने के काम आती है. इसके अलावा कई तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट बनाने में भी इसके फलों का उपयोग किया जाता है.

कई तरह की बीमारियों में फायदेमंद

चिकित्सक कई तरह की बीमारियों में स्ट्रॉबेरी के सेवन की सलाह देते हैं. इसे विटामिन C, विटामिन A और K का काफी अच्छा स्रोत माना जाता है. इस फल से रूप निखारने और चेहरे में कील मुँहासे, आँखो की रौशनी में चमक के साथ दाँतों की चमक बढ़ाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है.

कब लगाएं फसल?

हिमाचल प्रदेश के रहने वाले दीपक शांडिल और अशोक कमल 5 से 6 एकड़ में स्ट्राबेरी की खेती करते हैं. वे बताते हैं कि सबसे पहले इसकी नर्सरी तैयार करनी पड़ती है. फरवरी से इसकी प्रकिया हम शुरू कर देते हैं. जून-जूलाई तक इसकी नर्सरी पूरी तरह तैयार हो जाती है. जिसके बाद सितंबर के प्रथम सप्ताह से इसे हम खेतों में लगाना शुरू कर देते हैं. 40 से 50 दिनों में इसकी फसल पूरी तरह से तैयार हो जाती है, जिसके बाद इसकी तुड़ाई शुरू कर दी जाती है 

स्ट्राबेरी की फसल से अच्छी उपज हासिल करना पूरी तरह से जलवायु और पौधों की संख्या पर निर्भर करता है. अगर सही तरीके से पौधों की देखभाल की जाए तो निश्चित ही किसान एक एकड़ में तकरीबन  80 से 100 क्विंटल फलों का उत्पादन कर सकते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार इसके एक पौधे से 800-900 ग्राम फल प्राप्त हो जाते हैं.

12 से 13 लाख का मुनाफा

स्ट्रॉबेरी के फल का प्रसंस्करण कर उससे किसान जैम, जूस, आइस्क्रीम, मिल्क-शेक, टॉफियां बनाकर अपना मुनाफा बढ़ा सकते हैं. इसके अलावा कई ब्यूटी प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियां इसके फलों से सौंदर्य प्रसाधन की वस्तुएं बनाती हैं. एक एकड़ में स्ट्रॉबेरी की खेती में सब कुछ मिलाकर पौधे की कीमत से लेकर मरल्चिंग और ड्रिप इरिगेशन जैसी तकनीकों का उपयोग कर 2 से 3 लाख की लागत आ जाती है. बाजार में इसके फल काफी अच्छी कीमत पर बिकते हैं. एक अनुमान के मुताबिक, स्ट्राबेरी की खेती से किसान आराम से 6 से 9 लाख रुपये का मुनाफा 40 से 50 दिनों के अंतराल में कमा सकता है.

कई तरह की बीमारियों में फायदेमंद

स्वास्थ्य के लिहाज से स्ट्राबेरी का सेवन बेहद लाभकारी माना जाता है. यह फल विटामिन C एवं विटामिन A और K का काफी अच्छा स्रोत है. चिकित्सकों के अनुसार यह फल रूप निखारने और चेहरे में कील मुँहासे, आँखो की रौशनी चमक के साथ दाँतों की चमक बढ़ाने का काम आते है. इनके आलवा इसमें केल्सियम मैग्नीशियम फोलिक एसिड फास्फोरस पोटेशियम पाया जाता है. यह भी वजह है स्ट्राबेरी के फल बाजार में महंगी कीमतों पर बिकते हैं.

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