दुनिया की सबसे जयदा तीखी मिर्च भूत झोलकिया, जिसे खाने के बजाय डिफ़ेंस में किया जाता है इस्तेमाल और इन राज्यों में जमकर हो रही पैदावार

Vikas Sharma
By Vikas Sharma  - Senior Editor

भारत में अनेक प्रकार की फसलें उगाई जा सकती हैं। भारत में कई प्रकार की मिट्टी और जलवायु है, जो विभिन्न प्रकार की फसलों को उगाने की अनुमति देती है। भारत में उगाई जाने वाली कुछ फसलें हैं दुनिया की सबसे तीखी मिर्च, भूत झोलकिया, जिसे किंग मिर्चा, राजा मिर्चा, नागा मिर्चा, घोस्ट पेपर के नाम से भी जाना जाता है। भूत झोलकिया भारत के उत्तर पूर्वी राज्य नागालैंड में उगाया जाता है और कई देशों में निर्यात किया जाता है।

भारत विश्व में मिर्च का सबसे बड़ा उत्पादक है। काली मिर्च का इस्तेमाल खाने में कम और बचाव में ज्यादा होता है। उत्तर-पूर्व के राज्यों में इस मिर्च से कई तरह के व्यंजन बनाए जाते हैं, लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि मिर्ची स्प्रे और बचाव में इस्तेमाल होने वाले हथगोले भी इसी मिर्च से बनाए जाते हैं. आज कई देशों में मिर्च पाउडर और कच्चे रूप में बेची जा रही है।

सुरक्षा बलों का सुरक्षा कवच है भूत झोलकिया

कहा जाता है कि भूत झोलकिया मिर्च इतनी तीखी होती है कि लोगों को बीमार कर सकती है। इसलिए भारत के ज्यादातर हिस्सों में इसे खाने में इस्तेमाल नहीं किया जाता, लेकिन इतना खास होने की वजह से अब इसका इस्तेमाल देश के सुरक्षा बल बदमाशों से बचाव के लिए कर रहे हैं।

रिपोर्ट्स की मानें तो सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ की ग्वालियर, टेकनपुर स्थित टियर स्मोक यूनिट में भूत झोलकिया मिर्च से आंसू गैस के गोले बनाए जा रहे हैं. इन गोलों के दागने से कोई शारिरिक नुकसान नहीं होता, लेकिन आंतकवादी और उपद्रवियों के आंख  में तेज जलन और दम घुटने की परेशानी हो जाती है. 

रक्षा संस्थान डीआरडीओ ने भूत झोलकिया को उसके तेज तीखेपन के कारण सुरक्षा उपकरणों में शामिल किया है। महिलाओं की आत्मरक्षा के लिए भूत झोलकिया से चिली स्प्रे जैसे कई उत्पाद बनाए जा रहे हैं। इस मिर्च स्प्रे से कोई घातक नुकसान नहीं होता है, लेकिन बदमाशों को कुछ समय के लिए रोकने और उनका ध्यान भटकाने के लिए यह एक अच्छा विकल्प है।

कैसे पता लगाएं मिर्च का तीखापन

काली मिर्च का तीखापन इसमें मौजूद कैप्साइसिन की मात्रा से निर्धारित होता है। लाल मिर्च के लाल रंग के लिए कैप्साइसिन भी जिम्मेदार होता है जो हरी मिर्च को पकाने पर दिखाई देता है। स्कोविल हीट यूनिट (SHU) मिर्ची के तीखेपन का माप है। सबसे ज्यादा एसएचयू वाली मिर्ची भूत झोलकिया है।

कैसे होती है भूत झोलकिया की खेती

दुनिया में मिर्च की सबसे खास किस्म भूत झोलकिया को उगाने का तरीका भी बेहद खास है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि भूत झोलकिया मिर्च के पौधों की ऊंचाई 40 से 120 सेमी तक होती है, जिसमें 1 से 1.2 इंच चौड़ी और 3 इंच लंबी मिर्चों का प्रोडक्शन मिलता है. भूत झोलकिया के बीजों से बुवाई-रोपाई करने के बाद 75  से 90 दिनों के अंदर प्रोडक्शन मिल जाता है. सिर्फ मिर्च के तौर पर ही नहीं, मसाले के लिए भी भूत झोलकिया की भारी डिमांड है.

आज भूत झोलकिया की बढ़ती डिमांड के बीच नागालैंड, मणिपुर, असम और अरुणाचल प्रदेश में भी किसानों ने इसकी खेती चालू कर दी है. पूर्वोत्तर राज्यों में भूत झोलकिया मिर्च से सौस भी बनाई जाती है. भारतीय बाजार में 300 रुपये किलो ग्राम के भाव बिकने वाली भूत झोलकिया आज लंदन में 600 रुपये किलो के भाव बिक रही है. 

कौन-कौन सी हैं भारत की सबसे तीखी मिर्चें

केंद्री वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मिर्ची के तीखेपन में पहला स्थान प्योर कैप्साइसिन है. दूसरे नंबर पर स्टैंडर्ड पेपर स्प्रे, तीसरे नंबर पर कैरोलिना रीपर और चौथे नंबर पर ट्रिनिडाड मोरुगा स्कोर्पियन का नाम शआमिल है. भूत झोलकिया का नाम भी इन टॉप 5 तीखी मिर्चों में शामिल है.

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